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दिल्ली में 13 लाख संपत्तियों का ड्रोन सर्वे शुरू, MCD की बड़ी कार्रवाई
Wednesday, June 3, 2026

दिल्ली में 13 लाख संपत्तियों का ड्रोन सर्वे शुरू, MCD की बड़ी कार्रवाई

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दिल्ली में संपत्तियों की पहचान और कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सटीक बनाने के लिए नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी में 13 लाख से अधिक संपत्तियों का ड्रोन सर्वे शुरू किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत आवासीय, व्यावसायिक और अन्य प्रकार की संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग की जाएगी, जिससे संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड को आधुनिक और व्यवस्थित बनाया जा सके।

डिजिटल मैपिंग से मिलेगा सटीक डेटा

एमसीडी का उद्देश्य ड्रोन तकनीक की मदद से दिल्ली की सभी संपत्तियों का सटीक विवरण तैयार करना है। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी क्षेत्र में कितनी संपत्तियां मौजूद हैं, उनका वास्तविक उपयोग क्या है और उनका रिकॉर्ड नगर निगम के पास उपलब्ध जानकारी से कितना मेल खाता है।

पुराने और अधूरे रिकॉर्ड की होगी पहचान

कई इलाकों में संपत्तियों का रिकॉर्ड वर्षों पुराना या अधूरा होने के कारण टैक्स निर्धारण और वसूली में समस्याएं सामने आती रही हैं। ड्रोन सर्वे से ऐसी संपत्तियों की पहचान आसान होगी, जिनका रिकॉर्ड अपडेट नहीं है या जिनकी जानकारी निगम के डेटाबेस में सही तरीके से दर्ज नहीं है।

संपत्ति कर व्यवस्था होगी और मजबूत

इस सर्वे का एक प्रमुख उद्देश्य संपत्ति कर प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। डिजिटल मैपिंग के बाद कर निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व संग्रह की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।

साथ ही यह पहल नगर निगम को भविष्य की विकास योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन में भी मदद करेगी।

अवैध निर्माण और टैक्स चोरी पर रहेगी नजर

ड्रोन सर्वे के माध्यम से अवैध निर्माण, रिकॉर्ड में विसंगतियां और संभावित टैक्स चोरी के मामलों की पहचान भी आसान हो जाएगी। इससे नगर निगम को नियमों के अनुपालन की निगरानी करने और आवश्यक कार्रवाई करने में सुविधा मिलेगी।

नागरिकों के मन में उठ रहे हैं कई सवाल

सर्वे शुरू होने के बाद लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इसके बाद संपत्ति कर में बदलाव किया जाएगा। कई नागरिक यह जानना चाहते हैं कि नई मैपिंग का उनके टैक्स दायित्वों पर क्या असर पड़ेगा।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संपत्ति रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और नागरिक सुविधाओं की बेहतर योजना तैयार करना है।

तकनीक के जरिए आधुनिक होगी नगर निगम व्यवस्था

एमसीडी का मानना है कि डिजिटल तकनीक और ड्रोन सर्वेक्षण जैसी आधुनिक प्रणालियों के उपयोग से नगर निगम की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। यह परियोजना राजधानी में शहरी प्रशासन को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।