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चीन-जापान ही नहीं, इन देशों के प्रोडक्ट भी भारत ने लौटाए, जानें वजह
Thursday, January 1, 1970

चीन-जापान ही नहीं, इन देशों के प्रोडक्ट भी भारत ने लौटाए, जानें वजह

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खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर भारत लगातार सख्त रुख अपना रहा है। इसी कड़ी में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने चीन और जापान के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश और तुर्की से आयात किए गए कई खाद्य उत्पादों की खेप को भी वापस कर दिया है। यह कार्रवाई जांच के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों में खामियां पाए जाने के बाद की गई।

FIRA पोर्टल पर सार्वजनिक होती है जानकारी

FSSAI आयातित खाद्य उत्पादों से जुड़े अस्वीकृति मामलों की जानकारी अपने Food Import Rejection Alert (FIRA) पोर्टल पर सार्वजनिक करता है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और खाद्य आयात प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।

श्रीलंका से आए उत्पादों पर कार्रवाई

रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका से आयात की गई दालचीनी की कली (Cinnamon Flower Bud) की खेप को इसलिए रोका गया क्योंकि इसके लिए आवश्यक पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।

इसके अलावा श्रीलंका से आए सुपारी जैसे कुछ उत्पादों में फफूंद और गुणवत्ता संबंधी कमियां भी पाई गईं, जिसके चलते उन्हें भारतीय बाजार में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

बांग्लादेशी उत्पादों में भी मिली खामियां

बांग्लादेश से आयात किए गए कुछ खाद्य उत्पाद भी भारतीय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच के दौरान उनमें आवश्यक मानकों की कमी पाए जाने पर उनकी खेप को भी वापस भेज दिया गया।

तुर्की के सेबों की खेप लौटी

तुर्की से आए ताजे लाल सेबों की खेप को भी भारत ने अस्वीकार कर दिया। जांच में पाया गया कि इन सेबों की बची हुई शेल्फ लाइफ निर्धारित मानकों से कम थी, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें बाजार में आने की अनुमति नहीं दी गई।

चीन और जापान के उत्पाद भी हुए खारिज

चीन से आयात की गई नॉन-अल्कोहलिक बीयर में pH स्तर निर्धारित मानक से कम पाया गया। वहीं जापान से आए टी-बैग्स में एक ऐसा वनस्पति घटक मिला, जिसे भारत में उपयोग के लिए मंजूरी प्राप्त नहीं है।

इन कमियों के कारण दोनों देशों के उत्पादों को भी भारतीय बाजार में प्रवेश से पहले ही रोक दिया गया।

FSSAI ने साफ किया नियमों का पालन जरूरी

FSSAI ने स्पष्ट किया है कि भारत में आयात होने वाले सभी खाद्य उत्पादों को भारतीय सुरक्षा, गुणवत्ता और लेबलिंग मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

यदि कोई उत्पाद निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे बाजार में पहुंचने से पहले ही अस्वीकार कर दिया जाता है।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

खाद्य नियामक संस्था का कहना है कि इन कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और निम्न गुणवत्ता या असुरक्षित खाद्य पदार्थों को भारतीय बाजार से दूर रखना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आयातित खाद्य उत्पादों की सख्त जांच से न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ता है, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों को भी मजबूती मिलती है।