
भूस्खलन से 120 सड़कें बंद, चारधाम यात्रा प्रभावित; प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा की रफ्तार भी धीमी कर दी है। राज्य के कई जिलों में लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं के चलते करीब 120 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें कई प्रमुख संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं, जिससे स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर सबसे ज्यादा असर
बारिश का सबसे अधिक प्रभाव यमुनोत्री हाईवे पर देखने को मिला है। भूस्खलन के कारण सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यात्रा कुछ समय के लिए बाधित रही। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने लगभग 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया, जबकि अन्य यात्रियों को भी सुरक्षित निकालने का अभियान जारी है।
सड़कें खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम
स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD), सीमा सड़क संगठन (BRO) और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटे हैं। संवेदनशील इलाकों में जेसीबी और अन्य भारी मशीनें तैनात की गई हैं ताकि बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोला जा सके।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। साथ ही नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौसम सामान्य होते ही चारधाम यात्रा को पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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