महिला आरक्षण विधेयक 2023 के बाद 20 विधानसभा चुनावों में केवल 10.2% महिलाएं उतारी गईं: रिपोर्ट
महिला आरक्षण विधेयक 2023 के बाद 20 विधानसभा चुनावों में केवल 10.2% महिलाएं उम्मीदवार बनाई गईं। 2024 लोकसभा चुनावों में, 8,360 उम्मीदवारों के विश्लेषण में, केवल 800 (9.6%) महिलाएं थीं और 543 सीटों में से 152 (28%) में शून्य महिला उम्मीदवार थीं।
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महिला आरक्षण विधेयक के बाद की स्थिति
महिला आरक्षण विधेयक 2023 के बाद से 20 विधानसभा चुनाव हुए हैं और इनमें महिलाओं की भागीदारी को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, इन 20 चुनावों में केवल 10.2% महिलाएं उम्मीदवार बनाई गईं।
महिलाओं की भागीदारी का विश्लेषण
एक गैर-सरकारी संगठन, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार, 2024 लोकसभा चुनावों में कुल 8,360 उम्मीदवारों में से केवल 800 (9.6%) महिलाएं थीं। इसके अलावा, 543 सीटों में से 152 (28%) में शून्य महिला उम्मीदवार थीं।
प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
महिला आरक्षण विधेयक के बाद से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी को लेकर काफी उम्मीदें थीं, लेकिन ये आंकड़े निराशाजनक हैं। यह दिखाता है कि महिलाओं को अभी भी राजनीति में आगे बढ़ने के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
निष्कर्ष
महिला आरक्षण विधेयक 2023 के बाद से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी में सुधार की जरूरत है। पार्टियों और सरकार को महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करने होंगे ताकि वे राजनीति में अपनी भूमिका निभा सकें।



