Tuesday, June 9, 2026·1 min read
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर का निर्णय 11 एआईएडीएमके विधायकों के अनुभव की याद दिलाता है
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो 2017-18 में 11 एआईएडीएमके विधायकों के अनुभव की याद दिलाता है। यह निर्णय विधायकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है
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- ▸तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर का निर्णय
- ▸11 एआईएडीएमके विधायकों का अनुभव
- ▸मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला
परिचय
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर का निर्णय तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। यह निर्णय 2017-18 में 11 एआईएडीएमके विधायकों के अनुभव से मेल खाता है, जिन्हें अयोग्यता का सामना करना पड़ा था।
पृष्ठभूमि
2017-18 में, 11 एआईएडीएमके विधायकों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के खिलाफ वोट दिया था, जिससे उन्हें अयोग्यता का सामना करना पड़ा। हालांकि, तत्कालीन अध्यक्ष पी धनपाल ने उन्हें कार्रवाई से बचा लिया था। मामला मद्रास उच्च न्यायालय में गया, जिसने विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में, तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो विधायकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। यह निर्णय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और इसके परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।
निष्कर्ष
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर का निर्णय तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह निर्णय विधायकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है
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